पंचायत व निकाय व चुनाव एक साथ जनवरी-फरवरी में ही: Panchayat Aur Nikay Chunav

दो हफ्ते के भीतर होगी पूरी ओबीसी आरक्षण की प्रक्रिया:-

अधिनियमों में बदलाव के लिए अध्यादेश का प्रारूप तैयार निकायों का दिसंबर व पंचायतों का कार्यकाल फरवरी तक

छत्तीसगढ़ में नगरीय निकायों व त्रि-स्तरीय पंचायतों के चुनाव टलने के आसार कम हैं। कार्यकाल खत्म होने के पहले ही नगरीय निकाय व त्रिस्तरीय पंचायतों के चुनाव एक साथ कराने की तैयारी चल रही है। वहीं, नगरपालिक निगमों के महापौर, नगरपालिका व नगर पंचायतों के अध्यक्ष प्रत्यक्ष प्रणाली से चुने जाएंगे। इस बीच, छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के प्रतिवेदन के आधार पर नगरीय निकायों व त्रिस्तरीय पंचायतों में आरक्षण की प्रक्रिया इसी माह पूरी कर ली जाएगी। इसके लिए छत्तीसगढ़ नगरपालिक अधिनियम और छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम तथा त्रिस्तरीय पंचायती राज अधिनियम में संशोधन के लिए अध्यादेश का प्रारूप तैयार कर लिया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट की अगली बैठक में इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी जा सकती है।

नगरीय प्रशासन व पंचायत विभाग तथा राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों की मानें तो नगरीय निकायों व CG COLLEGE INFO त्रिस्तरीय पंचायतों के चुनाव कार्यकाल खत्म होने से पहले एक साथ कराने में किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आएगी। अधिनियमों में संशोधन संबंधी अध्यादेश की मंजूरी के बाद हफ्तेभर के भीतर आरक्षण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के मंशानुरूप छत्तीसगढ़ में नगरीय निकायों व त्रि-स्तरीय पंचायतों के चुनाव एक साथ कराने का प्रस्ताव है। नगरीय निकायों का कार्यकाल दिसंबर माह में खत्म हो रहा है। जबकि पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल अगले साल फरवरी माह के अंत तक है। अगर निकायों का चुनाव नहीं टला, ती पंचायत चुनाव तय समय से पहले करा लिए जाएंगे। हालांकि राज्य शासन द्वारा नगरीय निकाय चुनाव छह माह तक टालने के लिए अध्यादेश लाकर छत्तीसगढ़ नगरपालिक निगम अधिनियम व छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम में पहले ही संशोधन किया जा चुका है। निकाय पंचायत चुनाव एक साथ कराने में अगर बहुत ज्यादा आवश्यकता हुई, तो ही निकाय चुनाव को निर्धारित समयावधि से मात्र हफ्ते-दो हफ्ते ही आगे टाला जा सकता है, लेकिन इसकी संभावना कम है।

अधिनियमों में बदलाव के बाद आरक्षण

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक नगरीय निकायों व पंचायतों में आरक्षण की प्रक्रिया शुरू करने से पहले छत्तीसगढ़ नगर पालिक अधिनियम 1956 व छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम 1961 तथा पंचायती राज अधिनियम में संशोधन के लिए अध्यादेश के प्रारूप को कैबिनेट की अगली बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। अधिनियमों में संशोधन के बाद महापौर, नगर पालिका व नगर पंचायतों के अध्यक्ष तथा वार्ड पार्षद पदों तथा पंचायत प्रतिनिधियों के पदों के लिए आरक्षण की प्रक्रिया शुरू होगी। ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण- छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग की अनुशंसाओं के आधार पर त्रिस्तरीय पंचायतों व नगरीय निकायों में ओबीसी को मिल रहे आरक्षण को एकमुश्त सीमा 25 प्रतिशत को शिथिल कर ओबीसी की जनसंख्या के अनुपात में 50 प्रतिशत आरक्षण की अधिकतम सीमा तक आरक्षण प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया है।

मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 11 दिसंबर को

छत्तीसगढ़ में नगरीय निकायों में 1 अक्टूबर की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची तैयार की जा रही है। दावा-आपत्तियां 20 नवंबर तक प्राप्त की जाएंगी। दावा-आपत्तियों के निपटारे के चाद मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 11 दिसंबर को किया जाएगा।

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